sir vivian richards

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसका इतिहास एक सदी से भी पुराना है और फॉर्मेट लगातार छोटे होते जा रहे हैं। एक समय केवल टेस्ट क्रिकेट ही खेला जाता था, फिर वनडे क्रिकेट आया, टी20 क्रिकेट का इतिहास भी अब एक दशक से पुराना हो गया है। अब तो दस ओवर के क्रिकेट मैचों की मांग भी ज़ोर पकड़ रही है।

अब विश्व कप का बारहवाँ संस्करण इंग्लैंड और वेल्स में शुरू हो चुका है। ऑस्ट्रेलिया सबसे ज्यादा यानी पाँच पर की चैंपियन टीम रही है। क्लाइव लॉयड और रिकी पोंटिंग ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने अपनी टीम को दो-दो बार विश्व विजेता बनाया है।

इस आर्टिकल में हम ऐसे दो कप्तानों के नाम आपके सामने रखने वाले हैं जिन्होंने अपने देश को विश्व विजेता तो बनाया लेकिन कभी इस खेल के सबसे बड़े मंच पर शतकीय पारी नहीं खेल पाए। साथ ही साथ एक ऐसा कप्तान जो वर्ल्ड कप में कभी शून्य के स्कोर पर आउट नहीं हुआ।

3) अर्जुन राणातुंगा

arjuna ranatunga
arjuna ranatunga

अर्जुन राणातुंगा ने क्रिकेट के खेल को अपने जीवन के करीब दो दशक इस खेल को समर्पित किए हैं। पहली बार उन्हें अपनी नेशनल टीम की कप्तानी करने के मौका 1988 में मिला, लेकिन विश्व कप में पहली बार उन्होंने अपनी टीम को 1996 में लीड किया।

पहली ही बार में उन्होंने अपनी कप्तानी में श्रीलंकाई टीम को विश्व विजेता बनाकर ही दम लिया। खास बात यह रही कि 1996 वर्ल्ड कप में श्रीलंका एक भी मैच नहीं हारी थी। वर्ल्ड कप में उनका सर्वाधिक स्कोर 88 रन का रहा था, यानी वो कभी अपने देश के लिए शतकीय पारी नहीं खेल पाए।

यह श्रीलंका द्वारा जीता गया अभी तक पहला वर्ल्ड कप है, उसके बाद यह एशियाई टीम 2007 और 2011 में भी ख़िताबी मुक़ाबले में पहुंची थी, लेकिन चैंपियन नहीं बन पाई।

2) माइकल क्लार्क- ऑस्ट्रेलिया

michael clarke
michael clarke

माइकल क्लार्क के बल्लेबाजी स्टाइल की आज भी काफी सराहना की जाती है। उन्होंने केवल एक ही विश्व कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी की थी। 2015 वर्ल्ड कप में उन्हें नेशनल टीम की कप्तानी का भार सौंपा गया और खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में 2015 वर्ल्ड कप के लगभग सभी मैच ऑस्ट्रेलिया ने एकतरफा अंदाज़ में जीते थे।

वर्ल्ड कप में उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 93 रन का रहा है। लेकिन अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को विश्व विजेता बनाने का उनका सपना पूरा हुआ और 2015 वर्ल्ड कप के तुरंत बाद ही उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी थी।

विवियन रिचर्ड्स कभी नहीं हुए शून्य पर आउट

sir vivian richards
sir vivian richards

हालांकि कुछ अन्य खिलाड़ी भी हैं जो कभी वर्ल्ड कप में जीरो के स्कोर पर ना आउट हुए हों। जैसे सनथ जयसूर्या, मैथ्यू हेडन, ग्रीम स्मिथ लेकिन सर विवियन रिचर्ड्स को क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है।

उन्होंने 1987 में हुए वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज़ टीम की किसी वर्ल्ड कप में पहली बार कप्तानी की थी। वो अपनी टीम को विश्व चैंपियन तो नहीं बना पाए मगर वो अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज जरूर रहे थे। वो वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज़ की ओर से हजार या इससे अधिक रन बनाने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी भी हैं।