ms dhoni

वर्ल्ड कप 2019 से ज्यादा आजकल एमएस धोनी ने सुर्खियां बटोरी हुई हैं। बीसीसीआई ने हाल ही में आईसीसी से मांग की थी कि धोनी को उनके दस्तानों पर भारतीय मिलिट्री का साइन लगाने दिया जाए मगर आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया है। भारतीय फैंस इस फैसले से काफी गुस्से में दिखाई दे रहे हैं और साथ ही साथ पाकिस्तानी मीडिया भी भारतीय फैंस के रवैये से खुश दिखाई नहीं दे रहा है।

ms dhoni
ms dhoni

बीसीसीआई द्वारा की गई मांग के जवाब में आईसीसी ने कहा है कि,”आईसीसी टूर्नामेंट्स में किसी खिलाड़ी को इस तरह के लोगो(LOGO) के प्रयोग की अनुमति नहीं है।” जो साइन एमएस धोनी ने अपने दस्तानों पर लगाया है वो भारतीय पैरा मिलिट्री रक्षाबलों को सम्मान देने हेतु लगाया गया है और वैसे भी धोनी खुद एक लेफ्टिनेंट हैं, इसलिए आईसीसी को इस मांग को खारिज नहीं करना चाहिए था।

अगर धोनी लेफ्टिनेंट ना होते तो शायद भारतीय फैंस आईसीसी के फैसले के समर्थन में उतर सकते थे। मगर अब यह मसला केवल मिलिट्री साइन के प्रयोग का नहीं रह गया है, इसकी वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में और भी खटास पड़ गई है।

dhoni
dhoni

यहाँ तक कि पूर्व पाकिस्तानी दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर भी कह चुके हैं कि यह केवल देश के प्रति सम्मान को दर्शाने के लिए लगाया गया साइन है, इसे इतना बड़ा मसला नहीं बनाया जाना चाहिए। तो फिर पाकिस्तानी मीडिया आख़िर क्यों इस तरह का रवैया अपना रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई इस बारे में क्या बयान देती है।