ravindra jadeja
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यह क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता का ही परिणाम है कि प्रतिवर्ष क्रिकेट खिलाड़ी फोर्ब्स की सबसे अधिक कमाने वाले एथलीट्स की लिस्ट में भी जगह बनाने में सफल हो रहे हैं। केवल पैसा ही नहीं बल्कि विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी जैसे क्रिकेटर लोकप्रियता के मामले में अन्य साथी खिलाड़ियों से बहुत आगे निकल चुके हैं।

हम भारत की ही बात नहीं कर रहे, अन्य देशों के कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो आज क्रिकेट के टॉप पर पहुँच चुके हैं। मगर किसी न किसी चीज की शुरुआत भी कहीं से होती है, जरूरी नहीं कि हर खिलाड़ी को खेल के सभी संसाधन प्राप्त रहे हों। कुछ ऐसे क्रिकेटर भी रहे हैं जिन्होंने गरीबी से जंग लड़कर दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है।

इस आर्टिकल में हम ऐसे ही कुछ क्रिकेटर्स के नाम आपके सामने रखने वाले हैं जिन्होंने गरीबी के ख़राब दौर को पीछे छोड़कर क्रिकेट के जरिये दुनिया भर में नाम कमाया।

3) उमेश यादव

umesh yadav
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उमेश यादव भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाज तो नहीं लेकिन सबसे तेज गेंदबाजों में से एक जरूर रहे हैं। अपने करियर के शुरुआती दिनों में वो निरंतर 145 किमी/प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंदबाजी किया करते थे, अब उनकी गेंदें कभी-कभार ही 150 किमी/प्रतिघंटा कि रफ्तार को छू पाती हैं।

उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अभी तक कुल 234 विकेट(119 टेस्ट, 106 वनडे और 9 टी20 क्रिकेट में) चटकाए हैं।

आपको जानकार हैरानी होगी कि उनके पिता कोयले की एक खान में बतौर मजदूर काम किया करते थे। यादव ने अपना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट डेब्यू 2010 में जिमाब्वे के खिलाफ किया था। एक अन्य हैरान कर देने वाली बात यह भी है कि उमेश पुलिस ऑफिसर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत उन्हें क्रिकेट की ओर खींच लाई। इसी किस्मत के जरिये वो आईपीएल के सबसे सफल गेंदबाजों में से भी एक बने हैं। आईपीएल में उन्होंने 119 विकेट चटकाए हैं।

2) मोहम्मद शमी

mohammed shami
mohammed shami

मोहम्मद शमी मौजूदा समय में भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ कहे जा सकते हैं। एक तरफ जसप्रीत बुमराह हैं जिन्हें डेथ ओवर स्पेशलिस्ट का दर्जा दिया जाता है, वहीं शमी के पास गति तो है ही और वो गेंद को दोनों तरफ घूमना बेहद अच्छे तरीके से जानते हैं।

उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के एक छोटे से गाँव सहसपुर में हुआ, जहाँ बिजली ना के बराबर ही आती थी। साथ ही साथ उनके गाँव में क्रिकेट खेलने के अच्छे संसाधन भी मौजूद नहीं थे। उनकी मेहनत तब रंग लाई जब उनका कोलकाता के एक क्रिकेट क्लब में चयन हुआ।

मुसीबतें अभी भी जस की तस बनी हुई थीं क्योंकि उनके पास वहाँ ठहरने के लिए पैसे नहीं थे। लेकिन इस ख़राब दौर में उनकी मदद उनके कोच ने की और 6 जनवरी 2013 को उनका अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट डेब्यू हुआ।

1)रवीन्द्र जडेजा

ravindra jadeja
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रवीन्द्र जडेजा का जन्म गुजरात में हुआ था और उनका जीवन इतना सरल नहीं रहा जितना दिखता है। उनके पिता सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी किया करते थे और रवीद्र को वो आर्मी ऑफिसर बनते देखना चाहते थे मगर वो खुद क्रिकेटर ही बनना चाहते थे।

एक समय ऐसा भी आया जब उनकी माँ की मृत्यु के बाद परिवार का भार उन पर आ गया लेकिन उनकी बहन ने उनका साथ दिया। आपको यह भी याद दिला दें कि 2008 में जब भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता, तब रवीन्द्र जडेजा उस टीम के उपकप्तान थे।

जडेजा अब 400 अंतर्राष्ट्रीय विकेट पूरी करने वाले सातवें भारतीय बनने से केवल 3 विकेट दूर हैं। यह ऑल-राउंडर खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए समय समय पर गेंद और बल्ले से भी बेहतरीन प्रदर्शन करता रहा है। विकेट चटकाने से अलग उनके नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में साढ़े तीन हजार से अधिक रन भी हैं।