virat kohli

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का गुस्सा आजकल चरम पर है। कोहली ने अंपायरों को सचेत किया है कि आईपीएल कोई क्लब क्रिकेट नहीं है, पूरी दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग है। अंपायरों को मैदान पर अपनी आँखें खुली रखनी चाहिएं।

इस मसले में विराट को रोहित शर्मा का भी साथ हासिल हुआ है। रोहित शर्मा और कोहली ने अंपायरों को ख़राब अंपायरिंग के लिए लताड़ा है। कल मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर के बीच मैच खेला गया जहाँ बंगलोर को आख़िरी गेंद पर जीतने के लिए सात रन की जरूरत थी।

ख़राब अंपायरिंग के कारण बंगलोर हारी मैच

lasith malinga
lasith malinga no ball vs rcb

क्रीज़ पर युवा बल्लेबाज शिवन दुबे मौजूद थे और मलिंगा की फुल टॉस गेंद साफ तौर पर नो बॉल थी। मलिंगा का पांव साफ साफ क्रीज़ से आगे था परन्तु अंपायर एस रवि ने फैसला बदलने से साफ इंकार कर दिया, जिससे विराट कोहली आगबबूला नजर आए।

गेंद लो फुल टॉस रही और शिवम दुबे का बल्ला गेंद को हिट नहीं कर पाया। मगर मलिंगा का पांव साफ साफ क्रीज़ से बाहर था, यानी बंगलोर जीता हुआ मैच यहाँ गंवा बैठी थी।

kohli
kohli angry over malinga no ball vs rcb

यहाँ तक कि गेंदबाज का पांव टीवी स्क्रीन पर भी दिखाया गया जहाँ गेंदबाज का पांव क्रीज़ से साफ बाहर था। ऐसी गलतियाँ बिलकुल भी बख्शने योग्य नहीं हैं।

कोहली ने कहा कि हम यहाँ आईपीएल खेल रहे हैं, कोई क्लब लेवल क्रिकेट नहीं। मुझे समझ नहीं आता कि अंपायर वहाँ खड़े खड़े क्या कर रहे थे।