jaspreet bumrah

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज़ का दूसरा मैच चौदह दिसंबर को शुरू तो हुआ।लेकिन पहले दिन का खेल समाप्त होने तक पिच ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं।

पिच क्यूरेटर का कहना था कि पर्थ की पिच बाउंसी होगी और तेज़ गेंदबाज़ी के अनुकूल होने वाली है। पिच घास से ढकी हुई थी और ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फ़ैसला लिया है।

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पिच क्यूरेटर ने शायद भारतीय कप्तान को विडंबना में डालने के लिए बयान दिया कि पिच तेज़ गेंदबाज़ी के अनुकूल होने वाली है। लेकिन जैसे ही इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की चौकड़ी मैदान में उतरी। सभी के लिए लेंथ पर पकड़ बनाना मुश्किल होता चला गया।

पहले दिन हुआ बराबरी का खेल

ऑस्ट्रेलिया पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक 277 रन पर छः विकेट गंवा चुका है। लेकिन इस पिच पर 350 का स्कोर भी भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए जैसे मुसीबत का पहाड़ साबित होने वाला है।

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मार्कस हैरिस और ऑरोन फिंच के बीच पहले विकेट के लिए 112 रन की पार्टनरशिप से लगने लगा था कि कंगारू टीम आसानी से 450 के स्कोर को छूने वाली है।

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लेकिन ऑरोन फिंच को पचास रन के स्कोर पर आउट कर जसप्रीत बुमराह ने भारत को ब्रेकथ्रू दिलाया। इसके बाद लगातार अन्तराल पर विकेट गिरते रहे और ऑस्ट्रेलिया 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बना चुका है।

हनुमा विहारी साबित हुए तुरुप का इक्का

hanuma vihari

जिस काम के लिए हनुमा विहारी को प्लेयिंग इलेवन में शामिल किया गया था, वह काम उन्होंने बखूबी किया है। विहारी ने क्रीज़ पर जम चुके शॉन मार्श और मार्कस हैरिस के महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

दूसरी ओर मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के आगे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज संघर्ष करते दिखाई पड़े। लेकिन इशांत शर्मा और उमेश यादव ने बेहद ही ख़राब गेंदबाज़ी का नमूना पेश किया।